
भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खानपान, और बढ़ते स्ट्रेस की वजह से अधिकतर लोग बीमारियों के शिकार होते जा रहे हैं। ऐसे में डायबिटीज (Yoga Asanas for Diabetes) की समस्या भी बढ़ती जा रही है। हमारे देश में लाखों की संख्या में लोग अपने ब्लड शुगर लेवल को मेंटेन करने के लिए तरह-तरह की दवाइयां भी लेते हैं। आप यह जानकर हैरान रह जायेंगे कि डायबिटीज की यह बीमारी चुपचाप दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली महामारी बनती जा रही है। ज्यादातर लोग अक्सर सोचते हैं कि सिर्फ जीवनशैली में थोड़ा बदलाव करने और कुछ दवाइयाँ खाने से वे इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। लेकिन यह सच नहीं है!
लेकिन अगर हम रोजाना कुछ चुनिंदा योगासन करें, भले ही यह कोई मेडिकल ट्रीटमेंट में नहीं आते, तो ये इंसुलिन फंक्शन को सुधारने, स्ट्रेस को कम करने, और ब्लड शुगर लेवल को स्टेबल रखने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। भारत में हजारों वर्षों से आयुर्वेद और योगासन के माध्यम से बीमारियों का इलाज़ करने की परंपरा रही है, और आज के समय में भी ज्यादातर डॉक्टर डायबिटीज की दवाई के साथ-साथ योगासन करने की भी सलाह देते हैं।
अगर आप ब्लड शुगर लेवल को मेंटेन करने और डायबिटीज को पूरी तरह से खत्म करने के लिए एक सुरक्षित और प्रभावी साधन की तलाश कर रहे हैं, तो यहाँ दिए गए ये 6 योगासन आपकी मदद कर सकते हैं। ये इतने आसान योगासन हैं, जिनका अभ्यास आप घर पर आसानी से कर सकते हैं।
1. धनुरासन (Bow Pose)

यह कैसे मदद करता है: धनुरासन हाई ब्लड शुगर वाले लोगों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह पेट की मसल्स को एक्टिव करता है और पाचन को भी बेहतर बनाता है। जिससे भोजन को अच्छे से पचाने में आसानी होती है और शुगर स्पाइक्स भी कम हो जाते हैं। यही कारण है कि यह आसन Type 2 डायबिटीज को कंट्रोल करने में काफी हद तक मददगार होता है।
इसे कैसे करना है:
सबसे पहले अपनी बाहों को शरीर के बगल में रखकर लेट जाएं। फिर अपने घुटनों को मोड़ें और अपनी एड़ियों को पकड़ने की कोशिश करें। धीरे-धीरे सांस लेते हुए अपनी छाती और पैरों को फर्श से ऊपर उठाएं और अपनी एड़ियों को शरीर की ओर खींचें। इस पोज़ को कम-से-कम 15-20 सेकंड तक होल्ड करें। फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए पहले जैसी स्थिति में लौट आएं।
फ़ायदे:
– पाचन को बेहतर बनाता है और साथ ही ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करता है।
– इस आसन को रोजाना करने से मेटाबॉलिज्म बढ़ता है।
– कार्टिसोल हार्मोन (Stress hormone) को कम करता है, जिससे स्ट्रेस कम होती है।
– पेट की चर्बी (Belly fat) को कम करने में भी सहायक है।
2. अर्ध मत्स्येन्द्रासन (Half Spinal Twist Pose)

यह कैसे मदद करता है: यह एक ट्विस्टेड पोज़ है जो पैंक्रियास के आसपास हल्का प्रेशर डालता है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है। साथ ही यह लिवर और किडनी को एक्टिव करके उनके काम को भी स्मूद बनाता है। जिससे हमारे शरीर की सफाई होती है और इंसुलिन का प्रोडक्शन भी बढ़ता है।
इसे कैसे करना है:
सबसे पहले जमीन पर या मैट पर बैठकर पैरों को आगे की ओर सीधा करके बैठ जाएँ, फिर अपने दाहिने पैर को मोड़ें और अपने बाएं घुटने के पास रखें। फिर अपने बाएँ हाथ को दाएँ घुटने के बाहर लगाकर अपने शरीर को दाई तरफ मोड़ें। लगभग 20 सेकंड तक अपनी बॉडी को इस पोजीशन में रखें और यही प्रक्रिया दूसरी तरफ से भी करें।
फ़ायदे:
– पेनक्रियाज (Pancreas) के अंदर ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है।
– बॉडी को डिटॉक्स करने में मदद करता है।
– रीढ़ की हड्डी का लचीलापन (Flexibility) बढ़ाता है, पाचन मजबूत करता है और साथ ही डायबिटीज में भी मदद करता है।
3. पश्चिमोत्तानासन (Seated Forward Bend)

यह कैसे मदद करता है: स्ट्रेस को कम करने में यह आसन अहम भूमिका निभाता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में आसानी होती है। साथ ही यह हमारी आंतों की सफाई में भी मदद करता है, जिससे लिवर और किडनी अच्छी तरह से काम करते हैं।
कैसे करें:
अपने पैरों को सामने की ओर सीधा करके बैठ जाएँ। धीरे-धीरे साँस अंदर लें और अपने हाथो को ऊपर की ओर उठाकर, साँस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें और अपने पैरो के पंजों को पकड़ने की कोशिश करें। इस आसन को करते समय अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखने की कोशिश करें। करीब 20-30 सेकंड तक इसी मुद्रा में रहें और फिर वापस उसी पोजीशन में आ जाएँ।
फ़ायदे:
– स्ट्रेस को कम करता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल मेंटेन रहता है।
– हमारे पाचन को सुधारता है, जिससे इंसुलिन अच्छी तरह से काम करता है।
– हमारी नींद को बेहतर करता है, डायबिटीज (Yoga Asanas for Diabetes) रोगियों के लिए पर्याप्त और अच्छी नींद बेहद जरुरी है।
4. वज्रासन (Thunderbolt pose)

यह कैसे मदद करता है: वज्रासन उन कुछ चुनिंदा आसनों में से एक है जिन्हें आप खाने के तुरंत बाद भी कर सकते हैं। यह पाचन को बेहतर करता है, मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देने के साथ-साथ भोजन के बाद ग्लूकोज लेवल को भी मेंटेन रखता है। इसलिए यह डायबिटीज रोगियों के लिए एक बेहतरीन योगासन माना जाता है।
कैसे करें:
ज़मीन पर या मैट पर घुटनों के बल बैठकर एड़ियों के ऊपर बैठ जाएँ। अपनी पीठ और गर्दन को सीधा रखें और अपने हाथों को अपनी जांघों पर रखें। धीरे-धीरे अपनी आँखें बंद करें और सामान्य रूप से साँस लेते हुए आराम करें। आप अपनी क्षमता के अनुसार इस आसन में बैठ सकते हैं।
फ़ायदे:
-पाचन और जरुरी पोषक तत्वों के अवशोषण में सहायता करता है।
– भोजन के बाद ब्लड शुगर लेवल को बढ़ने से रोकता है।
– पेट की सूजन को कम करता है।
5. सेतु बंधासन (Bridge Pose )

यह कैसे मदद करता है: यह आसन हमारी बॉडी की फ्लेक्सिबिलिटी को बढ़ाता है, साथ ही यह ब्लड सर्कुलेशन और पूरी बॉडी में ऑक्सीजन सप्लाई को भी बढ़ाने में मदद करता है। इसके अलावा, यह पीठ को मज़बूत बनाता है और बॉडी में हार्मोनल बैलेंस को बनाए रखता है।
कैसे करें:
सबसे पहले एक चटाई पर पीठ के बल लेट जाएं, फिर अपने घुटनों को मोड़ें और पैरों को कूल्हे की चौड़ाई के बराबर दूरी पर रखें। धीरे-धीरे श्वास लेते हुए अपनी पीठ को जमीन से ऊपर उठाएं, ऐसा करते हुए आपका शरीर कंधों, पैरों और सर के सहारे एक पुल (ब्रिज) के जैसी आकृति बनाएगा। करीब 15-20 सेकंड के बाद, सांस छोड़ें और अपने कूल्हों को नीचे की ओर लाएं।
फ़ायदे:
-थायराइड और हार्मोन को मेंटेन रखता है।
-पूरे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है साथ ही ऑक्सीजन की सप्लाई को भी बढ़ावा देता है।
-थकान और हल्के-फुल्के स्ट्रेस को कम करने में मदद करता है।
6. शवासन (Corpse Pose)

यह कैसे मदद करता है: जैसा कि आप अभी तक समझ चुके होंगे कि स्ट्रेस ब्लड शुगर लेवल के बढ़ने का सबसे बड़ा कारण होता है। इसलिए यह आसन सीधा ब्लड शुगर लेवल को कम नहीं करता है, सबसे पहले यह स्ट्रेस को कम करता है। जिससे ब्लड शुगर लेवल को अप्रत्यक्ष रूप से फायदा पहुँचता है। साथ ही यह आसन हमारे शरीर में लंबे समय तक ग्लूकोज लेवल को मेंटेन करने में भी एक महत्वपूर्ण रोल निभाता है।
कैसे करें:
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले अपनी पीठ के बल सीधा लेट जाएं और अपने हाथों और पैरों को अपने शरीर से आरामदायक दूरी पर रखें। धीरे-धीरे सांस लेते हुए अपनी आँखों को बंद करें। लगभग 5-10 मिनट तक ऐसे ही लेटे रहें और अपना ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करें।
फ़ायदे:
-स्ट्रेस और एंग्जायटी को कम करता है।
-ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखता है।
-हमारे दिमाग को शांत और एकाग्र करने में मदद करता है।
डायबिटीज कंट्रोल के लिए योगासन करते समय इन बातों का ध्यान रखें
– रोजाना कम से कम 30-40 मिनट योगासन करने की कोशिश करें।
–अपनी डेली डाइट में फाइबर, लीन प्रोटीन और low-GI कार्बोहाइड्रेट्स (जैसे- फल, हरी सब्जियां, फलियां आदि) शामिल करें।
–रोजाना खूब सारा पानी पीने की कोशिश करें, यह बॉडी को डिटॉक्स करने में मदद करता है और हमारे मेटाबॉलिज्म को भी बेहतर बनाता है।
–अपने ब्लड शुगर लेवल की समय-समय पर जाँच करते रहें।
–रोजाना अनुलोम-विलोम और भस्त्रिका प्राणायाम करें, ये ब्लड में ऑक्सीजन पहुँचाने के साथ-साथ स्ट्रेस और एंग्जायटी को कम करने में भी मदद करते हैं।
– योगासन करते समय बॉडी को ज्यादा स्ट्रेच करने या ज्यादा जोर डालने की कोशिश न करें।
निष्कर्ष:
अगर आपको डायबिटीज है तो आप क्या खाते-पीते है, यह इतना महत्वपूर्ण नहीं है। महत्वपूर्ण है कि आप इसे कंट्रोल करने के लिए क्या कर रहे हैं। इसे कंट्रोल करना इतना मुश्किल नहीं है जितना कि लोग समझते हैं। ऊपर दिए गए इन 6 योगासनों का अगर आप रोजाना अभ्यास करते हैं, तो ये शरीर को स्वस्थ रखने, स्ट्रेस को कम करने और डायबिटीज (Yoga Asanas for Diabetes) को कंट्रोल में मदद करते हैं। जब हम रोजाना नियम से आसनों का अभ्यास और हेल्दी भोजन करते हैं, तो यह हमारे ब्लड शुगर लेवल को मेंटेन करने और मन को शांत रखने में मदद करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न: क्या यह सच है कि योग से डायबिटीज का स्थायी इलाज हो सकता है?
यह सच है कि आप योग से डायबिटीज (Yoga Asanas for Diabetes) को स्थायी रूप से ठीक नहीं कर सकते हैं, लेकिन यह इंसुलिन को नियंत्रित रखता है जिससे ब्लड शुगर लेवल मेंटेन करने में मदद मिलती है और साथ ही स्ट्रेस को कम करने में बहुत मदद मिलती है। ये सभी चीजें ही लंबे समय तक डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
प्रश्न: शुगर लेवल को नियंत्रित रखने के लिए मुझे रोजाना कितनी देर तक आसन करने चाहिए?
अगर आप रोज़ाना 30-45 मिनट या हफ्ते में कम से कम पाँच दिन आसन करते हैं, तो आपका ब्लड शुगर लेवल अच्छी तरह से नियंत्रित रहेगा। चाहे तो आप आसन और प्राणायाम दोनों को मिलाकर कर सकते हैं, इनसे आपको बेहतर परिणाम मिलेंगे।
प्रश्न: हाई ब्लड शुगर लेवल वाले लोगों के लिए कौन सा आसन सबसे अच्छा है?
शुरू में आप वज्रासन, शवासन और पश्चिमोत्तानासन से शुरुआत कर सकते हैं, जो पाचन में सुधार और मन को शांत करने के लिए आसान और प्रभावी माने जाते हैं।
प्रश्न: क्या डायबिटीज की दवा लेने से पहले आसन का अभ्यास करना सुरक्षित है?
हाँ, डायबिटीज की दवा लेने से पहले आसन का अभ्यास कर सकते हैं। लेकिन एक बात का जरूर ध्यान रखें, खाली पेट ज़ोरदार योगाभ्यास न करें। इससे ब्लड शुगर लेवल गिरने की संभावना होती है।
प्रश्न: क्या योग डायबिटीज रोगियों के पेट की चर्बी कम करता है?
हां, धनुरासन और सेतुबंधासन जैसे योगासन हमारी बॉडी को एक्टिव करते हैं। जिससे बेली फैट को बर्न में मदद मिलती है।
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