
कृषि प्रधान देश भारत हमेशा से अपनी समृद्ध संस्कृति के लिए जाना जाता रहा है। पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन भी भारतीय संस्कृति का ही एक हिस्सा है, इसीलिए भारत में कोई भी त्यौहार बिना स्वादिष्ट भोजन के पूरा नहीं होता।
मकर संक्रांति भी भारत के मुख्य पर्वों में से एक है। तिल के लड्डुओं की खुशबू, गुड़ की मिठास और हल्की सर्द धूप में पतंग उड़ाते बच्चे—ये सब मिलकर देश के हर कोने में घर जैसा एहसास दिलाते हैं। कई परिवारों के लिए यह पर्व गर्मजोशी, सामूहिकता और फसल के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। यह सर्दियों के अंत और लंबे दिनों की शुरुआत का संकेत देता है, लेकिन इसका एक दूसरा पहलू भी है।
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है या हम अपनी सेहत को लेकर ज़्यादा सजग होते हैं, तो मिष्ठान और पकवानो को खाने में थोड़ी झिझक होने लगती है—“इतनी शुगर, क्या एक और लड्डू खाना ठीक है?” इसके अलावा डायबिटीज़ और कोलेस्ट्रॉल की समस्या या फिटनेस डाइट फॉलो कर रहे कई लोग संस्कृति के प्रेम और हेल्थ गोल के बीच उलझन महसूस करते हैं। जबकि सच यह है कि त्यौहार तो भरपूर खुशियाँ मनाने के लिए होते हैं।
लेकिन आप चिंता न करें! क्योंकि संक्रांति के पारंपरिक व्यंजनों का आनंद समझदारी और संतुलन के साथ भी लिया जा सकता है—जरुरी नहीं हर स्वादिष्ट भोजन रिफाइंड शुगर से भरपूर या बहुत ज्यादा कैलोरी वाला ही हो। आइए जानते कुछ ऐसी हल्की, पौष्टिक और उतनी ही स्वादिष्ट रेसिपीज के बारे में जिनमें वही अपनापन, स्वाद और यादें बनी रहती हैं।
यह ब्लॉग आपके लिए ऐसी ही हेल्दी संक्रांति रेसिपीज़ (Makar Sankranti Healthy Recipes in hindi) लेकर आया है, जो आपको डाइट जैसा” महसूस नहीं करातीं और आपकी सेहत का भी ध्यान रखती हैं। आइए, गर्मजोशी, कृतज्ञता और संतुलन के साथ रसोई में कदम रखें।
संक्रांति का भोजन क्यों है ख़ास?

संक्रांति पर बनने वाले पारंपरिक व्यंजन सोच-समझकर तैयार किए गए होते हैं:
तिल: सर्दियों में शरीर को गर्म रखने वाले हेल्दी फैट्स प्रदान करते हैं।
गुड़: आयरन का अच्छा स्रोत है और पाचन में सहायक होता है।
मोटे अनाज (मिलेट्स): फसल के मौसम से जुड़े होते हैं और फाइबर एवं मिनरल्स से भरपूर होते हैं।
मूंगफली: प्रोटीन देती है और पेट को भरा रखती है।
घी: सीमित मात्रा घी खाने पर यह आपको ताकत और ऊर्जा प्रदान करता है।
समय के साथ पैकेज्ड शुगर, रिफाइंड तेल, ज़्यादा तलने जैसी अनहेल्दी आदतें इनमें जुड़ती चली गई-जिससे रेसिपी तो नहीं बदली, लेकिन उन्हें बनाने का तरीका बदल गया और त्योहारों पर एनर्जी एवं ताकत के लिए खाए जाने वाले हेल्दी पकवान अनहेल्दी हो गए । इसलिए हमें अपना पारंपरिक भोजन छोड़ने की बजाय, उसे उसकी हेल्दी जड़ों की ओर वापस लाने की ज़रूरत है।
इस साल आजमाएं ये पारंपरिक हेल्दी संक्रांति रेसिपीज

1. तिल-गुड़ के लड्डू❤️
तिल में कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन और हेल्दी फैट्स भरपूर होते हैं। वहीं गुड़ सर्दियों में शरीर को गर्मी और ज़रूरी मिनरल्स प्रदान करता है। दोनों मिलकर हड्डियों, त्वचा, बालों, हार्मोनल संतुलन और इम्यूनिटी को भी सपोर्ट कर सकते हैं।
इन्हें गिल्ट-फ्री बनाने के लिए चीनी की चाशनी की जगह गुड़ और संतुलित मात्रा में घी का इस्तेमाल करें। बड़े लड्डुओं की जगह छोटे लड्डू बनाएँ—इससे आप एक बार में कम खा पाते हैं।
2. तिल और मूंगफली की चिक्की👌
चिक्की बचपन की यादों से जुड़ा एक क्रंची टेस्ट है। सर्दियाँ आते ही घरों में यह मीठी रेसिपी बननी शुरू हो जाती है। अगर आप बहुत ज़्यादा चीनी की वजह से इसे खाने से हिचकते हैं, तो ये उपाय अपनाएँ:
रिफाइंड शुगर की जगह शुद्ध गुड़ का इस्तेमाल करें।
कम मात्रा में खाएँ और धीरे-धीरे चबाकर आनंद लें।
पैकेज्ड प्रोडक्ट्स में मौजूद आर्टिफ़िशियल फ्लेवर या ग्लूकोज़ सिरप से बचें।
प्रोटीन और पोषक तत्व बढ़ाने के लिए तिल या मूंगफली मिलाएँ।
इस तरह चिक्की ज़्यादा हेल्दी बनती है और शरीर को गर्माहट भी देती है।
3. उंधियू😍
उंधियू एक स्वादिष्ट और पोषक तत्वों से भरपूर पारंपरिक गुजराती डिश है, जिसे आमतौर पर मसाले और तेल में पकाया जाता है। लेकिन स्वाद बनाए रखते हुए इसे हल्का भी बनाया जा सकता है।
सब्ज़ियों को डीप फ्राई करने की जगह स्टीम करें, तेल कम रखें और मेथी, बीन्स जैसी हरी सब्ज़ियाँ भरपूर डालें। मुठिया को डीप फ्राई करने के बजाय बेक या एयर-फ्राई करें।
यह सर्दियों का सुपरफूड क्यों है?
मौसमी सब्ज़ियाँ
फाइबर
विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट
हार्मोनल संतुलन में सहायक मेथी
हेल्दी संक्रांति का मतलब बेस्वाद खाना नहीं, बल्कि मौसमी और सोच-समझकर किया गया चुनाव है।
4. मिलेट पोंगल😘
दक्षिण भारत में संक्रांति का दिल है पोंगल—गरम, सुकून भरा और गहरी यादों एवं स्वाद से भरपूर। इस संक्रांति मिलेट पोंगल बनाएँ।
मोटे अनाज पारंपरिक किसान का भोजन रहे हैं—मौसमी, टिकाऊ और पौष्टिक। ये फाइबर से भरपूर, पाचन के लिए अच्छे और ग्लूटेन-फ्री होते हैं। यह रेसिपी हल्की, सात्त्विक और ठंडी जनवरी की सुबहों के लिए एकदम सही है।
5. ज्वार या बाजरे की रोटी💕
राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में ज्वार-बाजरे की रोटियाँ संक्रांति का अहम हिस्सा हैं। ये देर तक पेट को भरा रखती हैं, पाचन में सहायक हैं और डायबिटीज़ के लिए भी बेहतर विकल्प मानी जाती हैं।
½ चम्मच घी, लहसुन की चटनी, दही या कढ़ी के साथ इनका सेवन करें। यह भोजन सिर्फ पेट नहीं भरता, बल्कि शरीर को पोषण भी देता है।
गिल्ट-फ्री संक्रांति के लिए आसान हेल्थ टिप्स👍

- भोजन छोड़कर मिठाइयों पर टूट न पड़ें
- सर्दियों में भी पानी पर्याप्त पिएँ
- हर भोजन में प्रोटीन शामिल करें
- शरीर को सक्रिय रखें—पतंग उड़ाना भी व्यायाम का ही एक हिस्सा है
- पर्याप्त और नियमित नींद लें
- डायबिटीज़ वाले लोग भोजन और पकवानों को कम-कम मात्रा में खाएं
- स्वास्थ्य का मतलब सब कुछ पूरी तरह छोड़ देना नहीं, बल्कि संतुलन है।
क्योंकि हमें परवाह है आपकी😊!
मकर संक्रांति एक बदलाव का प्रतीक है—अंधकार से प्रकाश की ओर, छोटे दिनों से लंबे दिनों की ओर। आपकी सेहत की यात्रा भी एक बदलाव है। संस्कृति और स्वास्थ्य के बीच किसी एक को चुनने की ज़रूरत नहीं है। इन हेल्दी संक्रांति रेसिपीज़ (Makar Sankranti Healthy Recipes in hindi) के साथ आप गिल्ट-फ्री त्योहार का आनंद ले सकते हैं।
तिल का लड्डू खाइए, लेकिन ब्लड शुगर का ध्यान रखते हुए। उंधियू का मज़ा लीजिए, लेकिन संतुलित मात्रा में। यही आधुनिक और सजग त्योहार मनाने का तरीका है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. मकर संक्रांति पर कौन-कौन से पारंपरिक फूड्स खाए जाते हैं?
तिल, गुड़ और मोटे अनाज से बने व्यंजन प्रमुख हैं, जैसे तिल-गुड़ के लड्डू, चिक्की, पोंगल, खिचड़ी, उंधियू, बाजरा/ज्वार की रोटी, गन्ना और दही-चावल।
Q2. कौन-कौन से गुड़ का उपयोग किया जा सकता है?
पाउडर गुड़, डली वाला गुड़, तरल गुड़ (नोलेन/गुड़ सिरप) या पाम गुड़। ध्यान रखें कि गुड़ शुद्ध हो और उसमें अतिरिक्त शुगर या केमिकल न मिले हों।
Q3. संक्रांति की रेसिपीज में तिल क्यों डाले जाते हैं?
तिल शरीर को गर्मी देते हैं, कैल्शियम, आयरन और हेल्दी फैट्स से भरपूर होते हैं और सर्दियों में इम्यूनिटी को सपोर्ट करते हैं। साथ ही, ये समृद्धि का प्रतीक भी हैं।
Q4. संक्रांति पर किन चीज़ों से बचना चाहिए?
बहुत ज्यादा खाने से, ज़्यादा तली हुई मिठाइयों से, रिफाइंड शुगर डेज़र्ट, पैकेज्ड चिक्की और देर रात भारी भोजन करने से बचें। जिन लोगों को कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, उन्हें गुड़-मिठाइयों का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए।
Q5. संक्रांति की सबसे प्रसिद्ध मिठाई कौन सी है?
तिल-गुड़ का लड्डू संक्रांति की सबसे प्रसिद्द रेसिपी है। कुछ जगहों पर चिक्की, पोंगल और पेठा भी उतनी ही लोकप्रिय हैं।
Q6. क्या तिल-गुड़ के लड्डू सेहत के लिए अच्छे हैं?
हाँ, अगर सीमित मात्रा में खाए जाएँ। ये शरीर को हेल्दी फैट्स, मिनरल्स और गर्माहट देते हैं। ज़्यादा मात्रा में लेने से कैलोरी और शुगर की मात्रा बढ़ सकती है।
Q7. किन लोगों को तिल से परहेज़ करना चाहिए?
जिन्हें तिल से एलर्जी हो
किडनी स्टोन की समस्या हो
डॉक्टर ने लो-सीड डाइट बताई हो
गर्भवती महिलाओं को भी डॉक्टर की सलाह अनुसार सीमित मात्रा में लेना चाहिए।
Q8. क्या तिल-गुड़ में दूसरे नट्स मिलाए जा सकते हैं?
हाँ, बादाम, पिस्ता, मूंगफली या काजू मिलाए जा सकते हैं। बस मात्रा संतुलित रखें और भारी रिफाइंड शुगर से बचें।
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