(Papaya seeds Benefits): कैंसर से लेकर पाचन तक कई बीमारियों में फायदेमंद हैं पपीते के बीज, 5 तरीकों से करें इस्तेमाल

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Papaya seeds benefits: आज लगभग 100 में से 80 लोग खराब पाचन, कम इम्यून पावर और शरीर में टॉक्सिन्स के बढ़ने से परेशान हैं। अच्छा खाना खाने के बाद भी काफी लोग पेट में भारीपन और फूला हुआ (floated) या डिस्कंफर्ट महसूस करते हैं। कई लोग इसके लिए दवाइयां और तरह-तरह के सप्लीमेंट्स भी लेते हैं। जो कुछ समय तक आराम जरूर पहुचातें हैं, लेकिन इन बीमारियों की जड़ तक नहीं पहुंच पाते और न ही उन्हें खत्म नहीं कर पाते हैं।

इन समस्याओं के समाधान हमारी प्रकृति में मौजूद हैं। लेकिन वो देखने में इतने सरल होते हैं, कि हम उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। उन्हीं में से एक पपीता है, जिसके बीज इन बीमारियों को जड़ से काट सकते हैं। लेकिन जब हम पपीते का फल खाते हैं, तो उसके बीजों को निकालकर फेक देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं, यही पपीते के बीज हमें कई बीमारियों से बचाने की क्षमता रखते हैं। चाहे वो लिवर की डिटॉक्सिफिकेशन में मदद करना हो या कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों से छुटकारा पाना, पपीते के बीज हमें इन बीमारियों से बचा सकते हैं। आइये जानते हैं इनके 5 अद्भुत हेल्थ बेनिफिट्स (papaya seeds benefits) के बारे में और इन्हें खाने का तरीका एवं मात्रा।  

THIS BLOG CONTAINS:

  • पपीते के बीजों के 5 हेल्थ बेनिफिट्स (papaya seeds benefits)
  • पपीते के बीजों को कैसे खाएं?
  • कितनी मात्रा में इनका सेवन सही है?
  • सावधानियाँ
  • निष्कर्ष:पपीते के बीजों के साथ करें अपने अच्छे स्वास्थ्य की शुरुआत 
  • अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

पपीते के बीजों के 5 हेल्थ बेनिफिट्स (Papaya seeds benefits)

1. लिवर डिटॉक्स में मदद

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पपीते के बीज (papaya seeds benefits) लिवर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं

लिवर हमारे शरीर से टॉक्सिन्स को निकालने में मदद करता है, इसलिए इसे हेल्दी रखना बहुत जरुरी है। पपीते के बीजों में प्रचुर मात्रा में एल्कलॉइड्स (Alkaloids) और ग्लूकोसिनोलेट्स (Glucosinolates) दो तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमारे लिवर की मरम्मत यानि रीजनेरेशन करके उसके काम को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। सालों से चलती आ रही हमारी पारम्परिक चिकित्सा में पपीते के बीजों का उपयोग लिवर की साफ-सफाई के लिए किया जाता है, जिससे हमारा लिवर अपना काम सही से कर सके। 

2. पैरासाइट्स से बचाए (एंटीपैरासिटिक गुण)

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पपीते के बीज (papaya seeds benefits) आंतो को हानिकारक बैक्टीरिया से बचाते हैं

पपीते के बीजों में कार्पेन (Carpaine) एसिड अच्छी मात्रा में होता है, जो अपने एंटीबैक्टीरियल और एंटीपैरासिटिक गुणों की मदद से हमारे पेट में पाए जाने वाले हानिकारक बैक्टीरिया और पैरासाइट्स जैसे- इ-कोली (E-coli), साल्मोनीला (Salmonella) को मारने में मदद करता है। जिससे पेट से संबंधी समस्याओं का आसानी से समाधान हो जाता है।

पपीते के बीजों पर अभी तक कई रिसर्च हो चुकी हैं। जिसमें से एक रिसर्च में पाया गया है कि अगर हम बच्चों को पपीते के सूखे बीजों का अर्क देते हैं, तो यह उनकी आंतो में पाए जाने वाले पैरासाइट्स को कम करने में मदद करता है। साथ ही पेट से संबंधी सभी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। इस रिसर्च से पता चलता है की ये बीज हमारी आंतो को मजबूत करने में सहायक हैं।

3. किडनी को स्वस्थ बनाएं

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किडनी को स्वस्थ और सभी तरह के डैमेज से बचाते हैं

किडनी हमारे शरीर के लिए एक “फ़िल्टर मशीन” का काम करती है। जो हमारे शरीर से हानिकारक तत्वों को पेशाब के जरिए बाहर निकालती हैं। इसलिए इन्हें साफ और स्वस्थ रखना बेहद जरुरी है। इसके लिए पपीते के बीज बहुत अच्छे होते हैं, क्योंकि पपीते के बीजों (papaya seeds) में प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। जो न केवल सूजन को कम करते हैं बल्कि किडनी को ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाने में भी मदद करते हैं।

हाल ही, में वैज्ञानिको ने कुछ जानवरों पर रिसर्च की है जिसमें उन्होंने पाया है कि पपीते के बीजों का रस रोजाना पीने से किडनी स्वस्थ रहती है और किडनी फाइब्रोसिस (किडनी में चोट या भारीपन) की सस्याएं भी कम हो जाती हैं। हालाँकि इंसानों पर रिसर्च अभी जारी है जिसमें अभी तक यह बताया गया है, कि जिन लोगों को किडनी खराब होने का खतरा है, उनके लिए पपीते के बीज फायदेमंद होते हैं।

4. पाचन को बेहतर बनाएं

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पपीते के बीज पाचन को मजबूत बनाते हैं

पाचन की समस्या आजकल हर उम्र के लोगों में आम बात होती जा रही है, जिससे हमें बहुत सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। पपीते के बीज (papaya seeds) पाचन के लिए एक बेहतर विकल्प माने जाते है, क्योंकि उनमें कार्पेन (Carpaine) एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो खाने में मौजूद प्रोटीन को पचाने में मदद करते हैं। साथ ही ये बीज फाइबर से भी भरपूर होते हैं, जो मल को आसानी से निकालने में मदद करता है। अगर पपीते के बीजों का सेवन सही मात्रा में किया जाए तो ये वजन घटाने में भी सहायक हो सकते हैं।

5. कैंसर को बढ़ने से रोकते हैं

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कैंसर की ग्रोथ को भी रोकते है पपीते के ये छोटे-छोटे बीज (papaya seeds benfits)

एक्सपर्ट्स ने पपीते के बीजों पर कई रिसर्च की हैं जिसमें पाया गया है कि पपीते के बीजों में बेंजाइल आइसोथायोसायनेट (Benzyl isothiocyanate) पाया जाता है जो ब्रेस्ट(Breast) और ब्लड कैंसर के सेल्स को बढ़ने से रोकते हैं। कुछ रिसर्च में ऐसा भी पाया गया है कि पपीते के बीज कैंसर सेल्स को एपोप्टोसिस (आत्महत्या) के लिए प्रेरित करते हैं, जिससे वो खुद ही नष्ट होने लगते हैं।

पपीते के बीजों को कैसे खाएं?

  • सूखे बीज: पपीते के सूखे बीजों को खानें के दो तरीके हो सकते हैं, आप रोजाना 6-8 बीजों को चबा सकते है या उन्हें थोड़ा सुखाकर बारीक पीसकर उनका पाउडर बनाकर उन्हें स्मूदी, सलाद या शहद के साथ मिलाकर भी खा सकते हैं।
  • पपीते के बीज की चाय: इन बीजों की चाय बनाने के लिए उन्हें बारीक पीसकर, थोड़े गर्म पानी में मिलाकर छोड़ दें। लगभग 5 से 10 मिनट के बाद आपकी चाय पीने के लिए तैयार हो जाएगी।

कितनी मात्रा में इनका सेवन सही है?

  • बच्चें (1 से 12 वर्ष) 1 से 12 साल की उम्र के बच्चों को ये बीज नहीं खाने चाहिए, इससे उनके पाचन पर असर पड़ सकता है।
  • किशोर (teenager) 13 से 18 साल की उम्र में आप 1-3 बीज रोजाना खा सकते हैं, यह आपकी लिवर डिटॉक्स में मदद करेगा।
  • वयस्क (Adult) – 18 से 50 वर्ष की उम्र में आप 3-7 बीज या 1/2 चम्मच पिसे हुए बीज आराम से खा सकते हैं।
  • बुजुर्ग – 50 वर्ष की उम्र के बाद सिर्फ 2-4 बीज ही खा सकते हैं, अगर कोई बीमारी हो तो डॉक्टर की सलाह के बिना न खाएं।

सावधानियाँ

  • प्रेगनेंट महिलाएं: प्रेगनेंट महिलाएं और बच्चों को दूध पिलाने वाली महिलाएं इसे न खाएं, इससे उनके हॉर्मोन में डिस्बैलेंस हो सकता है।
  • एलर्जी: खाज-खुजली, पिम्पल्स और स्किन में जलन से परेशान लोग इसे न खाएं।
  • ज्यादा न खाएं पपीते के बीजों को ज्यादा मात्रा में खाने से पेट में जलन हो सकती है, इसलिए अपनी उम्र के हिसाब से ही इसका सेवन करें।

निष्कर्ष: पपीते के बीजों के साथ करें अपने अच्छे स्वास्थ्य की शुरुआत 

पपीते के बीज प्राकृतिक पोषण का खजाना हैं। चाहे आप अपने पाचन को बेहतर बनाना चाहते हों, लिवर डिटॉक्स करना चाहते हों या सूजन से राहत पाना चाहते हों, पपीते के बीजों की उचित मात्रा आपको इन सभी समस्याओं से फायदा दिला सकती है। हालाँकि यह कोई चमत्कारी औषधि नहीं है, लेकिन इसका सही मात्रा में सही समय पर सेवन करना इसे आपके लिए बेहद फायदेमंद बना देता है। एक बात का विशेष ध्यान रखें, किसी भी दवाई या प्राकृतिक औषधि के साथ पपीते के बीजों का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: क्या पपीते के बीजों का स्वाद अच्छा होता है?

इनका स्वाद काली मिर्च के जैसा तेज, तीखा और मिर्च जैसा होता है।

प्रश्न 2: क्या बच्चे पपीते के बीज खा सकते हैं?

इनका स्वाद तेज और तीखा होने की वजह से इन्हें बच्चों को नहीं देना चाहिए, इससे उनके पेट में जलन हो सकती है और पाचन भी बिगड़ सकता है।

प्रश्न 3: क्या पपीते के बीज दवाओं पर असर करते हैं?

हां, इससे दवाइयों पर थोड़ा असर पड़ सकता है। अगर आप पपीते के बीजों को अपनी डाइट में शामिल कर रहे हैं, तो डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

प्रश्न 4: क्या पपीते के बीज हमारी स्किन के लिए अच्छे हैं?

हां, एंटीऑक्सीडेंट्स और एंजाइमों से भरपूर होने के कारण, वे हमारी स्किन को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।

प्रश्न 5: क्या पपीते के बीज वजन घटाने में मदद कर सकते हैं?

हां, इनके अंदर फाइबर भरपूर मात्रा में होता है, जो पाचन में मदद करता है। जिससे फैट बर्निंग में आसानी होती है और वजन घटाने में मदद मिलती है।

प्रश्न 6: क्या कैंसर पेशेंट पपीते के बीज खा सकते हैं?

हां, इनके अंदर आइसोथियोसाइनेट्स (isothiocyanates) एसिड प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। जो कैंसर सेल्स को आत्महत्या के लिए प्रेरित करता है।

प्रश्न 7: कैंसर के लिए पपीते के बीज कैसे खाएं?

आप सूखे बीज चबा सकते हैं या इन बीजों को थोड़ा बारीक पीसकर स्मूदी, सलाद या शहद के साथ मिलाकर भी खा सकते हैं।

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